पतिव्रता स्त्री के आगे भगवान भी झुक जाते हैं

November 20, 2019 by No Comments

सुहवल। क्षेत्र के युवराजपुर गांव
में चल रही रामकथा में आचार्य
कैलाश शास्त्री ने रामकथा के मह-
त्व पर प्रकाश डाला। कहा कि
रामकथा सुनने से व्यक्ति का
शारीरिक शुद्धिकरण होता है।
साथ ही समस्त सांसारिक दु:खों से
मुक्ति मिलती है। जो व्यक्ति जितनी
बार रामकथा का श्रवण करेगा उसे
उतना ही लाभ प्राप्त होगा।उन्होंने
कहा कि रामकथा के श्रवण से मन
और आत्मा दोनों निर्मल हो जाते
हैं। भगवान राम ने दुष्ट आत्माओं
का संहार करने के लिए भले ही
नर अवतार लिया हो, लेकिन
धरती पर अवतरित होने के बाद
भी उन्होंने पुरुष की मर्यादाओं का
पालन करते हुए सनातम धर्म की
रक्षा की। भगवान श्रीराम सच्चाई
के प्रतीक थे। प्रभु राम की कृपा
कभी न कभी जरूर होती है।
इसके लिए रामायण को मन एवं
दिल में उतारना बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम की
नित्य भक्ति से मन और आत्मा का
निर्मल विकास होना अवश्यंभावी
है।
भगवान से विमुख होने पर संसार
में कहीं पर भी जगह नहीं मिलती
है, जबकि भगवान के समक्ष होने
पर शत्रु भी अपने हो जाते हैं।
अगर किसी समय में हम भगवान
के सम्मुख नहीं हो पाते हैं, तो ऐसे
में केवल संत ही कल्याण कर
सकता है। संत की एक नजर
पड़ने पर कल्याण हो जाता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि
सभी प्रकार की साधना का फल
ही ईश्वर का दर्शन है जबकि ईश्वर
का फल संत का दर्शन है। जीवन
में संत के दर्शन होने पर भगवान
की कृपा होने लगती है। उन्होंने
कहा कि अगर स्त्री सच्चे मन से
पतिव्रता हो तो भगवान भी उसके
आगे झुक जाते हैं। यह जीवन प्रभु
चरणों की सेवा के लिए ही मनुष्य
को मिला है, लेकिन हम लाभ
और लालच के चक्कर में फंसकर
यह जीवन व्यर्थ ही गंवा देते हैं।
इस अवसर पर चंदन सिंह,
शिवमूरत सिंह आदि ने सराहनीय
योगदान किया।
इंदिरा के योगदान को भुला
पाना संभव नहीं
जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से
पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी की
जयंती मंगलवार को जिले भर में
समारोहपूर्वक मनाई गई। जिला
महिला अस्पताल में मरीजों को
फल वितरित किया गया। वक्ताओं
ने कहा कि देश के विकास को
लेकर इंदिराजी को हमेशा याद
किया जाएगा।

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